BRABU Muzaffarpur PG Result News: Revaluation Demand by Math Students: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय द्वारा पीजी सत्र 2024–26 के सेकेंड सेमेस्टर का परिणाम जारी होते ही गणित विभाग के छात्र-छात्राओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। परिणाम से असंतुष्ट छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ
प्रदर्शन किया और पुनर्मूल्यांकन की मांग की।
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पास छात्रों को कम अंक, फेल को अपेक्षाकृत ज्यादा नंबर:
छात्रों का कहना है कि फर्स्ट सेमेस्टर में अच्छे अंकों के साथ पास होने वाले कई छात्रों को सेकेंड सेमेस्टर में फेल या बेहद कम अंक दिए गए। वहीं कुछ फेल छात्रों को 24 या 26 अंक देकर सीमांत स्थिति में रखा गया, जबकि पास छात्रों को केवल 32 अंक देकर किसी तरह उत्तीर्ण घोषित किया गया।
सीसी-6, सीसी-7 और सीसी-9 में सबसे ज्यादा गड़बड़ी:
गणित विषय के सीसी-6, सीसी-7 और सीसी-9 पेपर में सबसे अधिक अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। छात्रों के अनुसार कई उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सही ढंग से नहीं की गई, जिससे मेधावी छात्रों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
- उत्तर पुस्तिकाओं की सतही जांच
- आंतरिक और लिखित परीक्षा अंकों में भारी अंतर
- समान उत्तर पर अलग-अलग अंक
तीन महीने बाद भी नहीं मिली कॉपियों की छाया प्रति:
छात्रों ने बताया कि परीक्षा समाप्त हुए तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है,लेकिन अभी तक उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं की छाया प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे छात्रों को यह समझने में परेशानी हो रही है कि उनके अंक क्यों काटे गए छात्रों का कहना है कि छाया प्रति और पुनर्मूल्यांकन में देरी के कारण अगले सेमेस्टर की पढ़ाई और परीक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
शिक्षण व्यवस्था पर भी उठे सवाल:
छात्रों ने आरोप लगाया कि कई शिक्षकों द्वारा एक पूरे पेपर की पढ़ाई कुछ ही मिनटों में औपचारिक रूप से पूरी कर दी जाती है। गणित जैसे विषय में न तो नियमित कक्षाएं होती हैं और न ही सिलेबस समय पर पूरा किया जाता है।
कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक से शिकायत:
छात्रों ने पहले गणित विभागाध्यक्ष और बाद में विश्वविद्यालय के कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और पुनर्मूल्यांकन की मांग की।
मौके पर मौजूद छात्र:
इस दौरान मौके पर धीरज (Dheeraj), अभिषेक (Abhishek), प्राची (Prachi),अश्वनी (Ashwani), प्रशांत (Prashant), पंकज (Pankaj), गौतम (Gautam),साकिब (Saquib) सहित अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पुनर्मूल्यांकन की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी:
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पुनर्मूल्यांकन कर संशोधित परिणाम जारी नहीं किया गया, तो वे धरना, प्रदर्शन और भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. राम कुमार ने बताया:
बिहार विश्विद्यालय परीक्षा नियंत्रक डॉ. राम कुमार ने बताया कि रिजल्ट को लेकर छात्रों ने आवेदन दिया है। आवेदन को विभागाध्यक्ष को भेज दिया गया है।




