ज्ञान-ज्योति के साधक श्री राजेश कुमार शाही जी, शिक्षा और समाजसेवा के समर्पित प्रहरी
मुजफ्फरपुर। बिहार की पावन धरती के औराई प्रखंड स्थित शाही मीनापुर निवासी शिक्षाविद् श्री राजेश कुमार शाही शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्थान के ऐसे साधक हैं, जिन्होंने अपने परिश्रम, दूरदर्शिता और अटूट संकल्प से ज्ञान की ज्योति को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने का सतत प्रयास किया है।
5 फरवरी 1967 को जन्मे श्री शाही ने अभावों के बीच लालटेन की रोशनी में अध्ययन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा का परिणाम रहा कि उन्होंने माइलस्टोन पब्लिक स्कूल, पैरामाउंट एकेडमी, ट्राइडेंट पब्लिक स्कूल एवं पैरामाउंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना कर ज्ञान और रोजगार के नए द्वार खोले। उनके प्रयासों से 100 से अधिक लोगों को आजीविका का अवसर प्राप्त हुआ।
वर्तमान में वे रामाडे कॉन्वेंट के निर्माण के माध्यम से अपने शैक्षणिक संकल्प को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। उनकी जीवनसंगिनी डॉ. शशि कुमारी का शैक्षणिक एवं पारिवारिक योगदान तथा उनकी संतानों की उपलब्धियाँ उनके पारिवारिक संस्कारों और प्रेरणादायी जीवन-दृष्टि को प्रतिबिंबित करती हैं।
श्री राजेश कुमार शाही का मानना है कि शिक्षा का सर्वोच्च उद्देश्य केवल डॉक्टर, इंजीनियर अथवा वैज्ञानिक बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को श्रेष्ठ मनुष्य और संवेदनशील नागरिक बनाना है। उनका जीवन इस सत्य का परिचायक है कि जब व्यक्तिगत संघर्ष समाज के कल्याण से जुड़ता है, तभी सेवा साधना का स्वरूप धारण करती है।
ज्ञान, कर्म और मानवता के इस पुनीत पथ पर अग्रसर श्री राजेश कुमार शाही के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना युवा नवोदित साहित्यकार कुमार संदीप ने की। कुमार संदीप ने प्रार्थना की, कि परमपिता परमेश्वर उनकी शिक्षा-साधना को निरंतर सामर्थ्य प्रदान करें तथा उनके माध्यम से समाज में ज्ञान और सद्भाव की ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे।
रिपोर्ट -कुमार संदीप
शिक्षक एवं साहित्यसेवी
ग्राम-सिमरा, प्रखंड-बंदरा, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार




