BRABU PG Admission 2025-27: पीजी एडमिशन में बढ़ेंगी सीटें, फिर खुलेगा पोर्टल, दूसरी मेरिट लिस्ट जल्द

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BRABU PG Admission 2025-27: Seats to Increase in Key Subjects, Second Merit List Soon: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में पीजी सत्र 2025-27 के नामांकन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बढ़ती आवेदन संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन कई प्रमुख विषयों में सीटें बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

 

 

 

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इन विषयों में बढ़ सकती हैं सीटें

विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार कॉलेजों के प्राचार्यों और पीजी विभागाध्यक्षों की मांग पर कई विषयों में सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पहले भी जूलॉजी, मनोविज्ञान और हिंदी में सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से उसे वर्तमान नामांकन प्रक्रिया में लागू नहीं किया जा सका। अब नई बढ़ी हुई सीटों को जोड़कर दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।

  • इतिहास
  • हिंदी
  • जूलॉजी
  • पॉलिटिकल साइंस
  • अर्थशास्त्र
  • कॉर्स / कॉमर्स

इन विषयों में आवेदन सीटों से कई गुना अधिक प्राप्त हुए हैं। विभागों से अतिरिक्त सीटों का प्रस्ताव मांगा गया है।

 

दूसरी मेरिट लिस्ट होगी जारी

एडमिशन कमेटी की बैठक के बाद पीजी सत्र 2025-27 की दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। पहली मेरिट लिस्ट करीब 9 हजार से अधिक सीटों के आधार पर प्रकाशित की गई थी। अब रिक्त सीटों और बढ़ाई गई नई सीटों को जोड़कर अगली सूची तैयार की जाएगी।

 

आवेदन बनाम सीट की स्थिति

  • कुल सीटें: लगभग 11,000+
  • कुल आवेदन: 22,562
  • पहली मेरिट लिस्ट: 9,000+ सीटों के लिए

रिक्त सीटों और संभावित बढ़ी सीटों को जोड़कर दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।

 

रिजल्ट पेंडिंग छात्रों के लिए राहत

स्नातक सत्र 2022-25 के लगभग 5,000 से अधिक छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग था, जिसके कारण वे पीजी में आवेदन नहीं कर सके थे। अब उनका रिजल्ट जारी हो चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन UMIS पोर्टल दोबारा खोलने पर विचार कर रहा है।

 

अवैध शुल्क वसूली पर सख्ती

एडमिशन कमेटी की बैठक में नामांकन शुल्क को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। विश्वविद्यालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद कुछ पीजी विभागों और कॉलेजों द्वारा एससी-एसटी एवं अन्य वर्गों के छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायतें मिली हैं। बैठक में इस मनमानी पर रोक लगाने और जरूरत पड़ने पर शुल्क वापसी जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

 

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